Monday, April 15, 2024
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New Injection for High BP : रोज टैबलेट लेने का अब झंझट होगा खत्म

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New Injection for High BP : अब साल में सिर्फ लेना होगा 2 इंजेक्शन

नई दिल्ली।टीम डिजिटल : New Injection for High BP : रोज टैबलेट लेने का अब झंझट होगा खत्म-   हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure) से जूझ रहे लोगों को अब रोज टैबलेट लेने की जरूरत से मुक्ति मिलने वाली है। वैज्ञानिकों ने हाई बीपी के लिए इंजेक्शन (new injection for high bp) विकिसत किया है। जिसे साल में सिर्फ दो बार लेकर ही हाई बीपी को नियंत्रित रखना संभव हो जाएगा।

लाखों लोगों को मिलेगी राहत

वैज्ञानिकों ने यह दवा किया है कि इंजेक्शन (New injection for high bp) ऐसे लाखों लोगों के लिए राहत बनकर आएगा, जो हाई बीपी (High BP) की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्हें अपने बीपी को नियंत्रित करने के लिए जिन टैबलेट का रोजना इस्तेमाल करना पडता है, अब उसे खाने की जरूरत नहीं होगी। इस इंजेक्शन का नाम जिलेबेसिरन (zilebesiran) रखा गया है।

इस इंजेक्शन को छह महीने में एक बार लगवाना होगा। यानि एक साल में यह इंजेक्शन का इस्तेमाल दो बार करना होगा। शोधकर्ताओं ने हाई बीपी से पीडित 100 से अधिक लोगों पर इस इंजेक्शन का ट्रायल किया और इसके परिणाम बेहद सफल पाए गए। इस आशय में एक रिपोर्ट ग्लोबल डायबेट्स कम्युनिटी की वेबसाइट पर भी प्रकाशित की गई है।

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New Injection for High BP
New Injection for High BP | Photo : freepik

ऐसे किया क्लिनकल ट्रायल

इस इंजेक्शन (New injection for high bp) के क्लिनकल ट्रायल में हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे 80 लोगों जिलेबेसिरन इंजेक्शन दिया गया। वहीं, 30 लोगों को प्लेसिबो (नकली इंजेक्शन) दिया गया। जिन लोगों को असली इंजेक्शन लगाया गया, उनकी बीपी 6 महीने तक नीचे रही। यानि लोगों की बीपी सामान्य बनी रही।

ट्रायल में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है कि बीपी की 200 एमजी की टैबलेट इस्तेमाल करने पर बीपी जितना नीचे आता है, इंजेक्शन लगाने के बाद बीपी का स्तर टैबलेट के मुकाबले और अधिक कम करना संभव है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक यह इंजेक्शन शरीर में एंजियोटेंसिन के उत्पादन को रोक देता है। एंजियोटेंसिन एक प्रोटीन हार्मोन है, जिसके कारण ब्लड वैसल्स पतली हो जाती है। यही कारण है कि ब्लड प्रेशर बढ जाता है। प्रारंभिक ट्रायल में बेहद आशाजनक परिणाम सामने आने से शोधकर्ता बेहद उत्साहित हैं। आगे वैज्ञानिक इस त​थ्य के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं कि इस इंजेक्शन का इस्तेमाल हर तीन महीने पर करना ज्यादा बेहतर होगा या इसे हर छह महीने में एक बार इस्तेमाल करना अधिक लाभदायक होगा।

दुनियाभर में 1.28 अरब लोग हाई बीपी से पीडित

डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक दुनिया भर में 1.28 अरब लोग हाई बीपी की समस्या से पीडित हैं। इनमें से 70 करोड़ इस बात से अनजान हैं कि उन्हें हाई बीपी की समस्या है। उन्हें इसका तब पता चलता है, जब किसी अन्य समस्या के लिए वह डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। हाई बीपी की समस्या हार्ट अटैक, स्ट्रोक, कार्डिएक अरेस्ट जैसी हार्ट से संबंधित घातक जटिलताओं का जोखिम पैदा करती है। हाई बीपी को दवा से नियंत्रित करना संभव है लेकिन अभी तक रोजना लोगों को टैबलेट लेनी पडती है।

New Injection for High BP : रोज टैबलेट लेने का अब झंझट होगा खत्म

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: caasindia.in में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को caasindia.in के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। caasindia.in लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी/विषय के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 

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