Friday, April 19, 2024
HomeDelhiNCRFaridabad News : stage 4 ovarian cancer का डॉक्टर ने किया सफल...

Faridabad News : stage 4 ovarian cancer का डॉक्टर ने किया सफल उपचार 

भारत (India) में डिम्बग्रंथि कैंसर एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चिंता बनी हुई है, पिछले कुछ वर्षों में इसकी घटनाओं में अनुमानित वृद्धि हुई है। यह देश में महिलाओं में तीसरा सबसे आम और घातक कैंसर (Third most common and deadliest cancer among women in India) है।

Join Whatsapp Channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
Follow Google News Join Now

Marengo Asia Hospital फरीदाबाद के डॉक्टरों को मिली बडी कामयाबी

Faridabad News : स्टेज 4 ओवेरियन कैंसर (Stage 4 ovarian cancer) से जूझ रही एक महिला को फरीदाबाद (Faridabad) के डॉक्टरों ने नया जीवन दिया है। कैंसर के एडवांस स्टेज (Advanced stage) से जूझ रही महिला का सफलतापूर्वक उपचार करने वाले चिकित्सक बेहद उत्साहित हैं। डॉक्टरों का दावा है कि उन्होंने महिला को रोकमुक्त कर दिया (Woman of faridabad freed from advanced stage of ovarian cancer) है।
फरीदाबाद के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल (Marengo Asia Hospital, Faridabad) के ऑन्कोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. सनी जैन (Dr. Sunny Jain, HOD of Oncology Department) के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने स्टेज 4 डिम्बग्रंथि के कैंसर से पीड़ित 57 वर्षीय महिला नीरजा चुट्टानी का प्रभावी इलाज (effective treatment) करने का दावा किया है। साथ ही यह संदेश भी दिया है कि जरूरी नहीं है कि एडवांस स्टेज का कैंसर लाइलाज हो।

गंभीर पेट दर्द और उल्टी की समस्या से पीडित थी महिला 

Faridabad News : stage 4 ओवेरियन कैंसर का डॉक्टर ने किया सफल उपचार
Faridabad News : stage 4 ओवेरियन कैंसर का डॉक्टर ने किया सफल उपचार | Photo : Canva
नीरजा चुट्टानी को शुरू में गंभीर पेट दर्द और उल्टी की समस्या हुई। जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें स्टेज 4 ओवेरियन कैंसर से पीडित पाया। उनके पेट में तरल पदार्थ (fluid in stomach) जमा हो रहा था। उपचार प्रोटोकॉल के तहत कीमोथेरेपी और लक्षित थेरेपी (Chemotherapy and targeted therapy) के चार दौर शामिल किए गए।
इसके बाद पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (PET Scan) स्कैन के माध्यम से रोग और उसकी अवस्था का मूल्यांकन किया गया, जिसमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखे। इसके बाद, कैंसरग्रस्त ऊतकों (cancerous tissues) को हटाने के लिए नीरजा की ओन्को सर्जरी (onco surgery) की गई। सर्जरी के बाद कीमोथेरेपी के दो अतिरिक्त डोज भी दिए गए। डॉक्टरों का दावा है कि उनके द्वारा प्रदान किए गए व्यापक उपचार की बदौलत आज मरीज रोगमुक्त जीवन जी रही है (The patient is living a cancer free life)।

40 वर्ष की आयु के बाद ovarian cancer से रहे सतर्क 

डॉ. सनी जैन के मुताबिक नीरजा के मामले में पेट में तरल पदार्थ का निर्माण (fluid buildup in the stomach), पेट में दर्द (stomach ache), वजन कम होना (weight loss) और भूख न लगना (loss of appetite) जैसे डिम्बग्रंथि के कैंसर के लक्षणों (symptoms of ovarian cancer) के बारे में सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों मेें तत्काल विशेषज्ञ से परामर्श लेनी चाहिए। रोग का निदान शीघ्र हो जाने से कई तरह की जटिलताओं से बचना संभव है।
डॉ. जैन के मुताबिक, पारिवारिक इतिहास (family history), मोटापा (obesity), धूम्रपान (smoking) और अत्यधिक शराब का सेवन (excessive alcohol consumption) ओवेरियन कैंसर की वजह (cause) साबित हो सकता है।
उन्होंने डिम्बग्रंथि के कैंसर के पारिवारिक इतिहास वाली महिलाओं (women with a family history) के लिए 35 वर्ष की आयु से और बिना पारिवारिक इतिहास वाली महिलाओं के लिए 40 वर्ष की आयु से नियमित जांच (routine checkup) की सिफारिश की। जीवनशैली बेहतर रखने (maintain better lifestyle) के साथ व्यायाम और संतुलित आहार (Exercise and balanced diet) के माध्यम से स्वस्थ वजन बनाए रखना (maintaining a healthy weight), साथ ही धूम्रपान और शराब से बचना (avoiding smoking and alcohol) ओवेरियन कैंसर से बचाव (prevention) कर सकता है।

महिलाओं में तीसरा सबसे घातक रोग ओवेरियन कैंसर

Faridabad News : stage 4 ओवेरियन कैंसर का डॉक्टर ने किया सफल उपचार
Faridabad News : stage 4 ओवेरियन कैंसर का डॉक्टर ने किया सफल उपचार | Photo : Canva
भारत (India) में डिम्बग्रंथि कैंसर एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चिंता बनी हुई है, पिछले कुछ वर्षों में इसकी घटनाओं में अनुमानित वृद्धि हुई है। यह देश में महिलाओं में तीसरा सबसे आम और घातक कैंसर (Third most common and deadliest cancer among women in India) है।
ऐसे में, इस बीमारी से निपटने और नीरजा चुट्टानी जैसे रोगियों के लिए परिणामों में सुधार करने के लिए जागरूकता, शीघ्र पता लगाना और समय पर हस्तक्षेप महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इसका पता लग जाए तो उपचार में आने वाली कई जटिलताओं से बचा जा सकता है। इसके अलावा मरीज के बचने की उम्मीद भी अधिक होती है।

क्या है ओवेरियन कैंसर

ओवेरियन कैंसर बीमारियों का एक समूह है जो अंडाशय (ovary) या फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) और पेरिटोनियम के संबंधित क्षेत्रों (Related areas of peritoneum) में उभर सकता है। महिलाओं में दो अंडाशय होते हैं, जो गर्भाशय के दोनों तरफ होते हैं। अंडाशय महिला हार्मोन का निर्माण करते हैं। वहीं, प्रजनन के लिए अंडे का उत्पादन करते हैं। महिलाओं में दो फैलोपियन ट्यूब होती हैं, जो गर्भाशय के प्रत्येक तरफ लंबी, पतली ट्यूबों की एक जोड़ी होती हैं। अंडे अंडाशय से फैलोपियन ट्यूब के माध्यम से गर्भाशय में प्रवेश करते हैं। पेरिटोनियम, ऊतक की परत (peritoneum, layer of tissue) है, जो पेट में अंगों को ढकती है।
शुरूआती चरण में इस कैंसर का उपचार बेहतर तरीके से किया जा सकता है। ओवेरियन कैंसर अक्सर संकेत और लक्षण पैदा करता है, इसलिए अपने शरीर पर ध्यान देना और जानना महत्वपूर्ण है कि आपके लिए क्या सामान्य है और क्या असामान्य। कुछ लक्षण कैंसर के अलावा किसी अन्य कारण से भी उभर सकते हैं। जब भी कोई असामान्य लक्षण प्रकट हो तो तत्काल विशेषज्ञ से परामर्श लें।
कुछ उत्परिवर्तन (changes in genes) ओवेरियन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। स्तन कैंसर (Breast Cancer) की संवेदनशीलता वाले जीन 1 और 2 (BRCA1 और BRCA2) में उत्परिवर्तन और लिंच सिंड्रोम से जुड़े उत्परिवर्तन (Mutations and Lynch Syndrome-associated mutations), सबसे आम उत्परिवर्तन हैं, जो ओवेरियन कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। ओवेरियन कैंसर विभिन्न प्रकार के ट्यूमर प्रकार और उपप्रकार में होते हैं। सबसे आम ट्यूमर प्रकार को एडेनोकार्सिनोमा (adenocarcinoma) कहा जाता है। वहीं, सबसे आम उपप्रकार को सीरस एडेनोकार्सिनोमा (serous adenocarcinoma) कहते हैं। अधिकांश सीरस एडेनोकार्सिनोमा उच्च श्रेणी (aggressive growing) ट्यूमर होते हैं।

इनमें होता है जोखिम कम 

  • जिन्होंने पांच या अधिक वर्षों तक गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग किया हो।
  • जिनमें ट्यूबल लिगेशन हो चुके हैं या दोनों अंडाशय या फैलोपियन ट्यूब को हटा दिया गया है।
  • जिनका हिस्टेरेक्टॉमी किया जा चुका है।
  • बच्चे को जन्म देने वाली महिलाएं।
  • एक वर्ष या उससे अधिक समय तक शिशु को स्तनपान कराने वाली महिलाएं।


नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: caasindia.in में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को caasindia.in के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। caasindia.in लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी/विषय के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 

caasindia.in सामुदायिक स्वास्थ्य को समर्पित हेल्थ न्यूज की वेबसाइट

Read : Latest Health News|Breaking News|Autoimmune Disease News|Latest Research | on https://www.caasindia.in|caas india is a multilingual website. You can read news in your preferred language. Change of language is available at Main Menu Bar (At top of website).
Join Whatsapp Channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
Follow Google News Join Now
Caas India - Ankylosing Spondylitis News in Hindi
Caas India - Ankylosing Spondylitis News in Hindihttps://caasindia.in
Welcome to caasindia.in, your go-to destination for the latest ankylosing spondylitis news in hindi, other health news, articles, health tips, lifestyle tips and lateset research in the health sector.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Article