Monday, May 20, 2024
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भारत ने ताजिकिस्तान को 50 बिस्तरों वाला अस्पताल दिया

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नई दिल्ली : भारत ने ताजिकिस्तान को 50​ बिस्तरों वाला अस्पताल सौंपा है। जिसमेें कई अत्याधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। अस्पताल (आईटीएफएच) में ऑपरेशन थियेटर, एक्स-रे, चिकित्सा उपकरण, दवाएं, स्टोर और सहायक उपकरण उपलब्ध है।

एक अधिकारी के मुताबिक आईटीएफएच को भारत सरकार ने पुनर्निर्मित किया है। जनवरी 2013 में दोनों पक्षों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किया गया था। इस समझौते के आधार पर अक्टूबर 2014 में इसका उद्धाटन किया गया। बताया गया है कि अस्पताल को भारत सरकार से तकनीकी और वित्तीय सहायता मिली, जिसके बाद ताजिकिस्तान के सशस्त्र बलों और वहां की नागरिक आबादी को पिछले आठ वर्षेां में मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा सकी हैं।


वर्तमान में, आईटीएफएच में ईएनटी, सर्जरी, स्त्री रोग, चिकित्सा, बाल रोग और दंत चिकित्सा विभागों सहित चिकित्सा विशिष्टताओं की पूरी श्रृंखला उपलब्ध है। इन वर्षों में यहां 1,00,000 से अधिक रोगियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करना संभव हो पाया है। पिछले दो वर्षों के दौरान यहां 2 हजार सर्जरियां की गई है।

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तजिक नागरिकों को चिकित्सकीय सेवा प्रदान करने में भारतीय सेना के डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की एक टीम बडी भूमिका निभाई है। साथ ही कई ताजिक डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी दिया है। अधिकारी के मुताबिक अस्पताल को पिछले आठ वर्षों में 42 टन से अधिक दवाओं की आपूर्ति की गई है।

आईटीएफएच के अलावा, भारत सरकार ने ताजिकिस्तान को और भी तरीकों से चिकित्सकीय सहायता दी है। भारत ने दक्षिण-पश्चिम ताजिकिस्तान में पोलियो फैलने के बाद 2010 में यूनिसेफ के माध्यम से ओरल पोलियो वैक्सीन की दो मिलियन खुराक भेजी थी। वहीं, मार्च 2018 में, भारत ने ताजिकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में 10 एम्बुलेंस बतौर उपहार दिया था। मई 2020 में कोविड -19 महामारी के दौरान भी भारत ने ताजिकिस्तान को 50,000 एचसीक्यू टैबलेट और 100,000 पैरासिटामोल टैबलेट भेजा था। अधिकारी के मुताबिक 2021 में ताजिकिस्तान को लगभग 700,000 कोविशील्ड टीकों की आपूर्ति की गई थी।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

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