Saturday, July 13, 2024
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एचआईवी-एड्स के उपचार के लिए जल्द उपलब्ध हो सकती है वैक्सीन

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 पहले क्लीनिकल ट्रायल में 97 प्रतिशत कारगर पाई गया है एचआईवी-एड्स की वैक्सीन 

नई दिल्ली। टीम डिजिटल :
लंबे समय से इंसानी जीवन के लिए खतरा बने एचआईवी-एड्स के उपचार के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है। इस बीमारी को तोड निकालने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। इस बीमारी पर विजय प्राप्त करने के लिए इसका प्रभावी उपचार ढूंढ रहे वैज्ञानिकों को मिली ताजा सफलता ने उत्साहित किया है और शीघ्र ही दुनिया को एचआईवी-एड्स की पहली वैक्सीन मिलने की संभावना को भी बल मिल गया है। 
दरअसल, एचआईवी-एड्स की वैक्सीन को लेकर साइंस जर्नल में एक रिसर्च प्रकाशित हुई है। जिसमें वैक्सीन के पहले क्लिनिकल ट्रायल का नतीजों का उल्लेख किया गया है। इन नतीजों के विश्लेषण के बाद वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है कि यह वैक्सीन HIV के खिलाफ 97% तक कारगर है।
यहां बता दें कि एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम (AIDS) ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस (HIV) के जरिए फैलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वायरस चिम्पैंजी से इंसान के शरीर में 20वीं सदी में दाखिल हुआ था। यह असुरक्षित यौन संपर्क और संक्रमित रक्त के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है। फिलहाल चिकित्सा जगत में इस रोग को कोई प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है।  

48 स्वस्थ लोगों पर किया गया वैक्सीन ट्रायल 

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वैज्ञानिकों ने इस वैक्सीन का नाम eOD-GT8 60mer रखा है। अध्ययन के दौरान 48 स्वस्थ लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण (ट्रायल) किया गया। लोगों की उम्र 18 से 50 साल के बीच थी। इनमें से 18 लोगों को पहली खुराक 20 माइक्रोग्राम की दी गई। वहीं 8 हफ्तों के बाद इन्हें इतनी ही मात्रा की दूसरी खुराक भी दी गई। 
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12 लोगों को सलाइन प्जलेसिबो दिया गया 

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वैज्ञानिकों ने 18 लोगों को 8 हफ्ते के अंतराल में 100 माइक्रोग्राम के दो डोज दिए। शेष 12 लोगों को सलाइन प्लेसिबो दिया गया था। यहां बता दें कि प्लेसिबो दवा नहीं होती। वैज्ञानिक इसका उपयोग इंसानी म​स्तिष्क पर दवा लेने के बाद होने वाले मनोवैज्ञानिक असर का आकलन करने  के लिए करते हैं। 
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पहली ही खुराक में कामयाबी के मिले संकेत 

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जिन 36 लोगों को यह वैक्सीन दी गई, उनमें से 35 लोगों में वैक्सीन के पहले डोज के बाद से ही उत्साहित करने वाले असर का पता चला। डोज लेने वाले लोगों में बी सेल्स (बी कोशिकाएं) में बढोत्तरी पाई गई। ये व्हाइट ब्लड सेल्स का एक प्रकार है, इम्यून सिस्टम को बीमारियों के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने में मदद करता है। वैक्सीन की दूसरी खुराक के बाद इन लोगों की इम्यूनिटी और अधिक बढ गई।अब वैज्ञानिक इस मामले में अध्ययन करने वाले हैं कि वैक्सीन HIV/AIDS के मरीजों पर किस तरह असरदार होगी। 

 3.8 करोड़ लोग हैं HIV संक्रमित

इंटरनेशनल एड्स वैक्सीन इनिशिएटिव के डेटा के मुताबिक विश्व में 3 करोड़ 80 लाख लोग HIV संक्रमित हैं। वहीं, इस लाइलाज रोग के प्रभावी उपचार ढूंढने की दिशा में 20 से अधिक वैक्सीन ट्रायल चल रहा है। दुनियाभर में 4 करोड़ लोगों की इस संक्रमण की वजह से मौत हो चुकी है। जबकि, पिछले साल 15 लाख लोगों का HIV संक्रमण AIDS में तब्दील हो चुका है। इसके अलावा 6 लाख 50 हजार मरीजों की इस कालखंड में इस बीमारी की वजह से मौत हो चुकी है। 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

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